कभी कचरा उठाता था ये बल्लेबाज, आज दुनिया का हर गेंदबाज खौफ खाता है, रोहित-विराट से भी आगे

कौन कहता है कि बड़े सपने देखना सिर्फ अमीरो का हक होता है. यदि हौसला बुलंद हो तो एक गरीब इंसान भी उस बुलंदियों को छू सकता है, जहां के ख्वाब अमीर देखा करते हैं. ये कहावत वेस्टइंडीज के मशहूर क्रिकेटर क्रिस गेल (Chris Gayle) पर फिट बैठती है. आज के समय में जिस तरह की छाप गेल ने लोगों के बीच छोड़ी है, उससे हर कोई वाकिफ है. गेल की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी अच्छे-अच्छों के छक्के छुड़ा देती है. आज के दौर में क्रिस गेल अच्छी लाइफ जी रहे हैं. उनके पास वो सब कुछ है, जो बड़े-बड़े अमीरों के पास भी होता है. जमैका में रहने वाले गेल के पास आलीशन घर होने के साथ बाकी सारी सुविधाएं भी हैं. लेकिन ये सुनकर आपको शायद झटका लगे कि एक समय में गेल काफी गरीब हुआ करते थे. गरीबी ऐसी कि उनके पास खाने तक को कई बार रोटी नहीं होती थी, यहां तक कि वो कई बार चोरी जैसे काम कर देते थे. ताकि अपना पेट भर सकें. उस समय गेल कचरा उठाने से लेकर सारे काम किया करते थे और उनकी मां सड़कों पर मूंगफली बेचा करती थीं.

गरीबी में बीता क्रिस गेल का बचपन

दरअसल इस समय करोड़पति होने के साथ क्रिस गेल के पास कई गाड़ियां है. लेकिन उनका बचपन बहुत बड़ी गरीबी के दौर से गुजरा. जिसकी कल्पना उन्हें अब देखकर करना नामुमकिन है. फैंस ये सोच भी नहीं सकते कि गेल की जिंदगी किन परिस्थियों में बीती होगी. बता दें कि क्रिस गेल एक ऐसे में परिवार में जन्मे जो बहुत गरीब था. उनकी मां मूंगफली बेचकर घर चलाया करती थीं. उस समय क्रिस गेल की पूरी फैमिली एक कच्ची झोपड़ी में रहती थी.


यहां तक कि उस समय हालात इतने खराब थे कि गेल अपनी स्कूली पढ़ाई भी पूरी नहीं कर पाए और 10वीं क्लास में उन्हें शिक्षा का त्याग करना पड़ा. पैसे न होने की वजह से गेल को अपने सपनों को मारना पड़ा. इस बारे में बात करते हुए गेल ने बताया था कि पेट भरने के लिए उन्हें कचरा तक उठाना पड़ा. वो प्लास्टिक की बोतल उठाते थे और उन्हें बेचकर जो पैसे मिलते थे उससे अपनी भूख मिटाते थे.


बता दें कि एक इंटरव्यू के दौरान क्रिस गेल (Chris Gayle) ने अपनी बचपन की जिंदगी का खुलासा किया था. उन्होंने बताया कि एक बार की बात है जब उन्हें काफी तेज भूख लगी थी और घर में खाने को कुछ भी नहीं था. यहां तक कि जेब में पैसे भी नहीं थे. ऐसी स्थिति में उन्हें अपना पेट भरने के लिए चोरी का सहारा लेना पड़ा.


आपको बता दें कि जब गेल इंटरव्यू में अपनी बचपन की जिंदगी के बारे में बता रहे थे तो उस दौरान वो रोने लगे थे. आगे गेल ने कहा कि यदि वो क्रिकेट नहीं खेल रहे होते तो आज भी किसी सड़क पर वो अपनी जिंदगी जी रहे होते.


दरअसल क्रिस गेल ने 1998 से 99 में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया. इसके बाद साल 1999 में ही उन्होंने वेस्टइंडीज की टीम में अपने आपको शामिल कर लिया. यहां से गेल का एक नया सफर शुरू हुआ फिर वो इंटरनेशनल क्रिकेट में भी टीम की तरफ से खेलने लगे. इस नए क्रिकेट करियर को शुरू हुए 6 साल ही बीते थे कि फिर गेल को बड़ा झटका लगा.


उस दौरान उन्हें पता चला कि उनके दिल में छेद है. ये खबर सुनने के बाद तो गेल ने क्रिकेट दुनिया में आतंक मचा दिया और फिर एक के बाद एक उन्होंने कई कारनामें अपने नाम किए. हर फॉर्मेट में गेल ने झंडे गाड़े. लेकिन टी-20 के लिए आज भी वो बेस्ट माने जाते हैं. ऐसे में अगर हम कोहली और हिट मैन से गेल की तुलना करें गलत नहीं होगा.
कभी कचरा उठाता था ये बल्लेबाज, आज दुनिया का हर गेंदबाज खौफ खाता है, रोहित-विराट से भी आगे कभी कचरा उठाता था ये बल्लेबाज, आज दुनिया का हर गेंदबाज खौफ खाता है, रोहित-विराट से भी आगे Reviewed by kumar on 4:25 AM Rating: 5
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