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टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली वेस्टइंडीज में सीरीज जीतने के बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली सीरीज में टीम की कमान संभालेंगे। इससे पहले उन्होंने एक अमेरिकी टीवी शो में अपनी जिंदगी से जुड़ी कई बातों के बारे में खुलासा किया। उन्होंने बताया कि स्कूल के दिनों में गणित की वजह से उन्हें बहुत ही मुश्किलों का समाना करना पड़ा था। विराट ने कहा कि इतनी मेहनत तो उन्होंने क्रिकेट के लिए भी नहीं की जितनी 10वीं कक्षा में गणित में पास होने के लिए की थी।
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कोहली कहते हैं कि उन्हें समझ नहीं आता कि आखिर कोई गणित पढ़ना ही क्यों चाहता है। उन्होंने मशहूर अमेरिकी पत्रकार ग्राहम बेनसिंगर के शो में कहा, 'गणित में हमारे यहां अधिकतम 100 नंबर आ सकते थे लेकिन मेरे तीन नंबर आते थे। मैं गणित में इतना अच्छा था। मुझे समझ नहीं आता था कि कोई आखिर गणित सीखना ही क्यों चाहता है।'
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कोहली ने आगे कहा, 'मैं 10वीं की परीक्षा पास कर लेना चाहता था क्योंकि इसके बाद आप अपनी मर्जी के विषय चुन सकते थे। इसमें गणित जरूरी नहीं था। मैं साफ कर दूं कि जिस तरह से मैंने उस परीक्षा को पास करने के लिए मेहनत की उस तरह से तो क्रिकेट के लिए भी नहीं की।' उन्होंने आगे कहा कि वह स्कूल में कभी भी सबसे होशियार बच्चे नहीं रहे लेकिन चीजें सीखने में जरूर तेज थे।
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इससे पहले कोहली ने इसी इंटरव्यू में बताया था कि पिता प्रेम कोहली की मौत ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह से बदल दिया था। पिता के गुजरने का उन पर सबसे बड़ा असर पड़ा। उन्होंने पिता को आंखों के सामने आखिरी सांस लेते देखा। उस समय उन्होंने अपने भाई से कहा था कि वह देश के लिए खेलना चाहते हैं और पिता का भी यही सपना था तो वो इसे पूरा करेंगे।
मैच में शतक पर शतक लगाने वाले विराट मैथ्स में पाते थे सिर्फ इतने नंबर...
Reviewed by Admin
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8:40 AM
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