क्रिकेट इतिहास की सबसे पुरानी टीम, 20वीं सदी के आखिर और 21वीं सदी की सबसे घातक टीम. एक ही नाम याद आता है- ऑस्ट्रेलिया. साल 1996 विश्वकप फाइनल हो या फिर 1999 और 2003 विश्वकप की जीत. 2007 विश्वकप जीत तक ऑस्ट्रेलियंस ने एक ऐसा अभेद्य किला बनाया, जिसे ढहाना भारत तो क्या, दुनिया की किसी भी टीम के बस के बाहर रहा.
लेकिन 18 जून 2005 के दिन क्रिकेट के पन्नों पर वो कहानी लिखी जानी थी, जिसके बारे में किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. 1986 से क्रिकेट में अपनी जगह बनाने की कोशिश में लगी बांग्लादेश की टीम ने ऑस्ट्रेलिया को ऐसा ज़ख़्म दिया कि वो कभी भरा नहीं जा सकेगा.
वो होता है, ताकतवर इंसान कमज़ोर को कितना भी मार ले. लेकिन अगर कमज़ोर ने उसे एक थप्पड़ मार दिया, तो वो बरसों याद रह जाता है. ये ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट के गाल पर वही थप्पड़ था.
18 जून 2005, ऑस्ट्रेलिया vs बांग्लादेश, कार्डिफ का मैदान:
तीन देशों की नेटवेस्ट वनडे सीरीज़ खेली जा रही थी. इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के अलावा तीसरी टीम थी बांग्लादेश की. रिकी पोन्टिंग और बांग्लादेशी कप्तान हबीबुल बशर टॉस के लिए उतरे. ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाज़ी का फैसला किया. लेकिन टॉस के बाद हाथ में प्लेइंग इलेवन की लिस्ट लिए खड़े पोन्टिंग की टीम में एंड्र्यू सायमंड्स का नाम नहीं है.
वो सायमंड्स, जो टीम के फिक्स नंबर पांच बल्लेबाज़ थे. वो सायमंड्स, जिन्होंने 2003 विश्वकप में टीम की नैया पार लगवाई थी. टेप को टॉस से पीछे की तरफ रिवाइंड करते हैं और बताते हैं कि आखिर टॉस से पहले ड्रेसिंग रूम और टीम के अंदर क्या हुआ था.
बांग्लादेश के खिलाफ मैच से एक दिन पहले यानी 17 जून 2005:
ऑस्ट्रेलिया को अगले दिन बांग्लादेश के खिलाफ अहम मैच खेलना था. सायमंड्स नाश्ते के वक्त पर टीम होटल के डायनिंग एरिया में मौजूद थे. देखने में सायमंड्स सचेत लग रहे थे, लेकिन बाज़ जैसी नज़र वाले कैप्टन पॉन्टिंग को समझ आ गया कि सब सही नहीं है. दरअसल सायमंड्स अब भी उन्हीं कपड़ों में थे, जिन कपड़ों में पॉन्टिंग ने उन्हें बीती रात देखा था. कैप्टन का शक़ देख सायमंड्स के करीबी दोस्त माइकल क्लार्क उन्हें वहां से हटाकर ले गए और नहलाया.
इसके बाद टीम ट्रेनिंग के लिए सोफिया गार्डन्स में इकट्ठा हुई. वहां फिर सायमंड्स ने कुछ ऐसा किया, जिससे पॉन्टिंग गुस्सा हो गए. इस बारे में पॉन्टिंग ने कहा था,
”वह बाकी प्लेयर्स से अलग-थलग था. उसने मैदान के कोने में पड़ी एक पहिए वाली बिन का सहारा लेकर खड़े होने की कोशिश की और गिर गया.”
गुस्साए पॉन्टिंग सायमंड्स के पास गए और कहा कि तुम इस मैच में नहीं खेलोगे. जवाब में सायमंड्स ने एकदम हल्के अंदाज में सीधे कहा,
”ठीक है”
99 World Cup के दौरान पाकिस्तानी पेसर Waqar Younis से भिड़े Andrew Symonds को Fishing बहुत पसंद है (तस्वीरें सोशल मीडिया से साभार)
पॉन्टिंग ने इस बारे में आगे कहा,
”मुझे इस बात पर बहुत तेज गुस्सा आया कि एक प्लेयर अपने, अपने साथियों, अपने विपक्षियों और अपने देश के प्रति इतना अशिष्ट हो सकता है कि एक गेम खेलने के लिए इस हालत में पहुंचे? और मेरा गुस्सा फूट निकला. मैंने कोच जॉन बुकानन के पास जाने से पहले एडम गिलक्रिस्ट से कहा- यह घर जा सकता है.”
बुकानन को उम्मीद थी कि सायमंड्स माफी मांग लेंगे, लेकिन सायमंड्स ने कोच से कहा,
”मैं खेल सकता हूं. मैं इस हालत में पहले भी खेल चुका हूं.”
सायमंड्स की आंखें सूजी हुई दिख रही थीं और पोन्टिंग उनकी सांस में शराब की महक महसूस कर रहे थे. उन्होंने ये सब देखकर सायमंड्स से पूछा भी,
”क्या तुम कल रात देर तर बाहर शराब पी रहे थे? तुम रात को कब लौटकर आए?”
तो सायमंड्स ने कहा,
”शायद डेढ़ बजे.”
लेकिन पोन्टिंग को सायमंड्स की बात पर यकीन नहीं हुआ. पोन्टिंग का खून खौल रहा था. वो चिल्लाए नहीं, लेकिन सायमंड्स इस बात को अच्छे से समझ गए थे कि पोन्टिंग के दिमाग में उस वक्त क्या चल रहा है.
इस घटना के बाद उन्होंने सायमंड्स को पहले मैच में खिलाने से इनकार कर दिया.
बांग्लादेश के खिलाफ मैच से एक दिन पहले शेन वॉटसन का जन्मदिन
दरअसल ये पूरी घटना शेन वाटसन के जन्मदिन की है. ऑस्ट्रेलियन ऑल-राउंडर शेन वाटसन का जन्मदिन 17 जून को होता है. ऑस्ट्रेलिया को बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबला 18 जून को खेलना था. 17 जून के दिन कार्डिफ में ऑस्ट्रेलियन टीम के बहुत से खिलाड़ी वॉटसन की बर्थडे पार्टी मनाने चले गए. लेकिन सायमंड्स को छोड़ बाकी सभी खिलाड़ी अगले दिन के मैच को ध्यान में रखते हुए समय से वापस आ गए. जबकि सायमंड्स देर रात तक शराब पीते रहे.
हालांकि बाद में एंड्रयू सायमंड्स ने अपनी इस हरकत के लिए माफी भी मांगी. उन्होंने कहा था-
”मैं जानता हूं कि कोई भी इसे स्वीकार नहीं करेगा. लेकिन मैं अपने किए के लिए सभी से माफी मांगता हूं. मैं जानता हूं मैंने जो भी किया, वो गलत है और मैं उसके लिए शर्मिंदा हूं.”
लेकिन किसे पता था कि पोन्टिंग का ये फैसला और 18 जून का वो दिन ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में ऐसा पल लेकर आएगा, जो कभी किसी ने सपने में भी नहीं सोचा होगा.
किसने सोचा होगा कि एक ऐसी टीम ऑस्ट्रेलिया को हराएगी, जिसने अगले पांच साल पहले ही टेस्ट स्टेट्स हासिल किया है. किसने सोचा होगा कि बांग्लादेश की टीम एक ऐसी टीम को हराएगी, जो पिछले सात साल और दो विश्वकप से अजेय है. लेकिन ये सब हुआ और वो भी बहुत ऐतिहासिक तरीके से लिखी हुई एक कहानी की तरह.
कार्डिफ में खेले मैच में क्या हुआ
उस मैच में ऑस्ट्रेलियन टीम सायमंड्स के बिना खेलने उतरी. गिलक्रिस्ट और पोन्टिंग टीम के स्कोर में एक रन जोड़कर पवेलियन लौट गए. इसके बाद 16वें ओवर तक हेडन भी लौट गए. लेकिन मिडिल ऑर्डर में मिले मौके पर डेमियन मार्टिन और माइकल क्लार्क ने टीम को सहारा दिया और जैसे-तैसे स्कोर 249 रनों तक पहुंचा दिया.
बांग्लादेश जैसी टीम के खिलाफ उस दौरे में 250 रनों का लक्ष्य बिल्कुल भी छोटा नहीं था. ऑस्ट्रेलियंस को लगने लगा था कि ये मैच आसानी से उनकी झोली में आ जाएगा. लेकिन वो दिन न सायमंड्स का था, न पोन्टिंग का. वो दिन था बांग्लादेश क्रिकेट के पहले सुपर हीरो मोहम्मद अशरफुल का.
2005 ऑस्ट्रेलिया-बांग्लादेश वनडे. फाइल फोटो ट्विटर
250 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बांग्लादेश की टीम ने 21वें ओवर तक तीन विकेट गंवा दिए. अब तक बोर्ड पर सिर्फ 72 रन टंगे थे. मैदान पर था वो 21 साल का वो लड़का, जिसने ढाका की गलियों में ये सपना देखा था कि किसी दिन वो इंटरनेशनल मैच में शतक जमाएगा और बल्ले को लहराएगा.
ऐसा सदियों में एक बार ही होता है कि कोई नौसिखिये देश का लड़का आकर किसी पारंगत टीम को खेल का ककहरा सिखा जाए.
मोहम्मद अशरफुल ने उस दिन ग्लेन मैक्ग्रा, जेसन गिलेस्पी, माइकल केसप्रोविच जैसे बॉलिंग लाइनअप की बखिया उधेड़ दी थी. उन्होंने 101 गेंदों में 11 चौकों के साथ 100 रन बनाए और अपने पहले शतक के साथ बांग्लादेश को ऑस्ट्रेलिया पर पहली वनडे जीत दिला दी.
हार के बाद पोन्टिंग और टीम को मिली मौत की धमकी
18 जून के दिन इस हार का दर्द इतना गहरा था कि पोन्टिंग और टीम को जान से मारने की धमकियां तक मिलने लगी. कुछ लोगों ने मेल लिखकर उनकी टीम की जान लेने तक की बातें कहीं.
पोन्टिंग ने अपनी किताब में खुलासा किया था-
”मुझे एक ईमेल मिला जिसमें लिखा था, जिस तरह का एफर्ट मैंने मैदान पर दिखाया है, उसके लिए मुझे सिर में गोली मारी जानी चाहिए. इतना ही नहीं, ये ईमेल भेजने वाले शख्स ने मुझे यहां तक लिखा कि वो ऑस्ट्रेलिया में ऐसे लोगों को भी जानता है, जो ऐसा खतरा (जान से मारने) उठाने के लिए तैयार है.”
उन्होंने बताया-
”बतौर क्रिकेटर मुझे विरोधी टीम के फैंस से ऐसी धमकियों और आलोचनाओं की आदत है. लेकिन ये एक नई तरह की धमकी थी. मुझे इससे पहले कभी भी इस तरह से नहीं डराया गया था. रियाना (पोन्टिंग की पत्नी) इस घटना से काफी ज़्यादा परेशान थी और जब मैंने उसे इस ईमेल के बारे में बताया, तो वो इससे बहुत बुरी तरह से हिल गई.”
18 जून 2005 के दिन बांग्लादेश के हाथों मिली हार के बाद 2020 तक फिर कभी भी बांग्लादेशी टीम ऑस्ट्रेलिया को नहीं हरा सकी.
क्रिकेट टीम को लेकर हॉन्ग कॉन्ग जा रहे जहाज के साथ ऐसा क्या हुआ कि वह ताइवान के पास डूब गया?
जब पोन्टिंग और उनकी टीम को सिर में गोली मारने की धमकियां मिलीं!
Reviewed by kumar
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5:22 AM
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