हमारे रसोई में बहुत सारी औषधियां उपलब्ध होती हैं जिन्हें हम आम भाषा में मसाले कहते हैं दरअसल मसाला अरबिक शब्द है हमारे शास्त्रों में इन मसालों के लिए औषधि शब्द का उपयोग हुवा है ऐसी ही एक औषधि है मैथीदाना जो की हर रसोई में पाया जाता है जो की रसोई में पाए जाने वाली अन्य ओषधियों में उच्च श्रेणी में आती है
मैथी का उपयोग करने का तरीका
बाग़भट्ट जी ने मैथी का उपयोग करने का तरीका बहुत ही सरल बताया है कि रात को एक चम्मच मैथी दाना एक गिलास गर्म पानी में डाल दें रात भर उसको रखें सुबह होने पर चबा चबाकर खाएं चबा चबाकर खाने का बहुत महत्व है कुछ लोग मैथी की फंकी लेते हैं पिस्सा हुवा मैथी की फंकी का इतना महत्त्व नही है जितना चबाकर खाई हुयी मैथी का है
मैथीदाने वाला आचार का महत्त्व
हमारे घरों में जो भी आचार होता है उन सबमें इसीलिए मैथीदाना डाला जाता है और बाग़भट्ट जी ने बताया है कि जो भी मैथी दाने वाला आचार हम अपने घरों में खाते हैं वो आचार नही बल्कि औषधि है, दवा है आप अपने जीवन में ऐसा आचार खाने से कभी भी मना न करें जिसमे मैथी दाना हो चाहे किसी भी तरह का आचार हो आम का ,मिर्च,नींबू का जरुर खाएं
इसका कारण यह है की किसी भी फल या आचार पर फल और आचार से ज्यादा असर औषधि का होता है जैसे अगर आप आम का आचार डालते है तो उस पर आम से ज्यादा औषधि का असर होता है
आचार में जरुर मिलाएं ये एक चीज, आचार करेगा दवाई का काम
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